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‘बंगीय साहित्य संस्था’ : कॉफ़ी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-136 में दुलाल समाद्दार द्वारा संपादित बांग्ला पत्रिका ‘मध्यबलय’ शारदीय नवरात्र पूजा संख्या-62 का लोकार्पण

👉 ‘मध्यबलय’-62 का लोकार्पण [बाएँ से] • आलोक कुमार चंदा, वीरेंद्रनाथ सरकार, ब्रजेश मल्लिक, पल्लव चटर्जी, प्रकाश चंद्र मण्डल, स्मृति दत्त, बानी चक्रवर्ती, दुलाल समाद्दार, जीवन चंद्र हालदार, रवींद्रनाथ देबनाथ, सुजॉशा सेन और ममता सरकार [फोटो क्लिक- विपुल सेन]
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई-दुर्ग
भिलाई [28 अक्टूबर, 2026] : भिलाई निवास के इंडियन कॉफ़ी हाउस में बीते दिनों ‘कॉफ़ी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-136’ में ‘बंगीय साहित्य संस्था’ का मुख पत्र ‘मध्यबलय’-62 का लोकार्पण संस्था की सभापति बानी चक्रवर्ती के कर कमलों से किया गया. विमोचन/लोकार्पण के अवसर पर ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार और प्रकाशक मिहिर समाद्दार विशेष रूप से उपस्थित रहे. लोकार्पण के साक्षी बने- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति स्मृति दत्त, महासचिव शुभेंदु बागची, उप सचिव प्रकाश चंद्र मण्डल, कोषाध्यक्ष पल्लव चटर्जी, ब्रजेश मल्लिक, आलोक कुमार चंदा, वीरेंद्रनाथ सरकार, जीवन चंद्र हालदार, विपुल सेन, सुजॉशा सेन, ममता सरकार और रवींद्रनाथ देबनाथ.

‘बंगीय साहित्य संस्था’ की साहित्यिक पत्रिका ‘मध्यबलय’ शारदीय नवरात्र पूजा संख्या-62 लगभग 345 पृष्ठों में सु-सज्जजित है. इस अंक में स्थानीय रचनाकारों के साथ-साथ देश के सुप्रसिद्ध लेखकों की कविता, कहानी, लेख, संस्मरण, नाटक, समीक्षा एवं अनेकों पठनीयता सामग्री उपलब्ध है. ‘मध्यबलय’ के संपादक मंडल में दुलाल समाद्दार, पल्लव चटर्जी और मिहिर समाद्दार हैं.
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आड्डा-136 की अध्यक्षता बानी चक्रवर्ती एवं संचालन प्रकाश चंद्र मण्डल ने किया. काव्य पाठ के पूर्व में संस्था के सक्रिय सदस्य शुभेंदु बागची, रतन सरकार और रवींद्रनाथ देबनाथ का जन्मोउत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया एवं बंगीय सदस्यों ने इन्हें शुभकामनाएं बधाई देते हुए दीर्घायु होने की कामना किए.



जीवन चंद्र हालदार ने ए बार रोबाज़ मारते होबे [कविता]/ममता सरकार ने आमादेर सरेते दुर्गा [आवृति]/ मिहिर समाद्दार ने जे खमा चाओया हयना [अनु गोल्पो]/ सुजॉशा सेन शुभक्षण [आवृति]/ विपुल कुमार सेन दुर्गा पूजा [कविता]/ ब्रजेश मल्लिक ने बाल्यो जीबोन [कविता]/ प्रकाश चंद्र मण्डल कविता/ बानी चक्रवर्ती आमी बृष्टि होए एलाम [अनु गोल्पो]/ स्मृति दत्त आमार छ: घंटा आर बुक स्टॉल [प्रतिवेदन] दुलाल समाद्दार ने कविता/ वीरेंद्रनाथ सरकार ने स्मृति [कविता]/ शुभेंदु बागची ने चिरकुट [अनु गोल्पो] और पल्लव चटर्जी ने कविता का पाठ किया.
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आड्डा-135 प्रतियोगिता के परिणाम-


‘बंगीय साहित्य संस्था’ द्वारा आड्डा-135 में दुर्गाउत्सव पर कविता एवं लघुकथा के स्वतंत्र विषय को लेकर उपस्थित सदस्यों के बीच में एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. निर्णायक जज थे- बानी चक्रवर्ती और दुलाल समाद्दार. परिणाम रहे- ब्रजेश मल्लिक [प्रथम] प्रदीप भट्टाचार्य [द्वितीय] और पं. बासुदेब भट्टाचार्य [तृतीय]. प्रतियोगिता के संयोजक पल्लव चटर्जी थे. विजेताओं को नगद राशि, पेन एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.

👉 [बाएँ से] • विपुल सेन, ममता सरकार, शुभेंदु बागची, वीरेंद्रनाथ सरकार, ब्रजेश मल्लिक, प्रकाश चंद्र मण्डल, जीवन चंद्र हालदार, सुजॉशा सेन, बानी चक्रवर्ती, स्मृति दत्त, पल्लव चटर्जी, आलोक कुमार चंदा और रवींद्रनाथ देबनाथ.
[ • रिपोर्ट एवं चित्र संयोजन- प्रदीप भट्टाचार्य ]
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